पावर कट से पाएं मुक्ति: गोरखपुर में लिथियम बैटरी युक्त 3KW और 5KW हाइब्रिड सोलर सिस्टम की पूरी जानकारी
ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड का बेहतरीन संयोजन - हाइब्रिड सोलर सिस्टम। 24 घंटे निर्बाध बिजली, लिथियम (LiFePO4) बैटरी लाइफ और PuVVNL ग्रिड एक्सपोर्ट।

1. हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) क्या है?
मानक ऑन-ग्रिड सिस्टम में बैटरी नहीं होती और ग्रिड की बिजली कटते ही एंटी-आइसलैंडिंग (Anti-Islanding) सुरक्षा के कारण इन्वर्टर बंद हो जाता है। दूसरी ओर, ऑफ-ग्रिड सिस्टम ग्रिड में बिजली एक्सपोर्ट नहीं कर सकता।
हाइब्रिड सोलर सिस्टम इन दोनों का मिश्रण है:
दिन में यह आपके घर के लोड को सोलर से चलाता है।
अतिरिक्त बिजली से लिथियम बैटरी चार्ज करता है।
बैटरी फुल होने पर बची हुई बिजली PuVVNL ग्रिड में एक्सपोर्ट (नेट मीटरिंग) करता है।
पावर कट होने पर बिना किसी झटके (0 मिलीसेकंड स्विचिंग) के घर की बिजली चालू रखता है।
2. लिथियम आयन (LiFePO4) बैटरी क्यों चुनें?
पुराने लेड-एसिड (ट्यूबलर) बैटरियों की तुलना में लिथियम आयरन फास्फेट (LiFePO4) बैटरियां सोलर के लिए सबसे उत्तम हैं:
लाइफ साइकिल: 3,000 से 5,000 साइकिल्स (10 से 12 साल की लाइफ)।
फास्ट चार्जिंग: मात्र 2 घंटे में 100% चार्ज।
90% DoD (Depth of Discharge): बैटरी की पूरी क्षमता का उपयोग।
3. लागत और सब्सिडी
हाइब्रिड सिस्टम में लगे ग्रिड-टाई कंपोनेंट पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी का दावा किया जा सकता है।
3KW हाइब्रिड सिस्टम (5kWh लिथियम बैटरी के साथ): सब्सिडी के बाद शुद्ध लागत ~₹1,05,000 – ₹1,35,000.