गोरखपुर में आटा चक्की सोलर सिस्टम: बिना बैटरी के चलाएं 10 HP और 15 HP की मोटर

पूर्वांचल में आटा चक्की और राइस मिल को सोलर पर चलाएं। VFD ड्राइव तकनीक, डीजल व कमर्शियल बिजली की भारी बचत और पेबैक गणित।

गोरखपुर में आटा चक्की सोलर सिस्टम: बिना बैटरी के चलाएं 10 HP और 15 HP की मोटर

1. आटा चक्की मालिकों के लिए सोलर वरदान क्यों है?

गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में आटा चक्की चलाने वाले व्यवसायी कमर्शियल बिजली के महंगे बिल और डीजल जेनरेटर के ₹95/लीटर के खर्च से परेशान रहते हैं।

सोलानाव एनर्जी की VFD (Variable Frequency Drive) सोलर तकनीक से आप बिना किसी महंगी बैटरी के, सीधे दिन की धूप से 10 HP, 15 HP या 20 HP की भारी इंडक्शन मोटरों को सुचारू रूप से चला सकते हैं।

2. VFD ड्राइव तकनीक कैसे काम करती है?

सोलर पैनल्स द्वारा उत्पादित DC बिजली को VFD ड्राइव उच्च-टॉर्क AC बिजली में बदलती है। VFD मोटर के शुरुआती झटके (Starting Inrush Current) को नियंत्रित करती है, जिससे मोटर बिना जले या ट्रिप हुए धीरे-धीरे पूरी स्पीड पकड़ लेती है।

3. आवश्यक क्षमता और बचत का ब्योरा

मोटर क्षमता (HP)

आवश्यक सोलर क्षमता (KW)

दैनिक डीजल/बिजली बचत

पेबैक पीरियड

7.5 HP मोटर

10 KW सोलर एरे

₹1,000 – ₹1,400 / दिन

~14 महीने

10 HP मोटर

13 KW – 15 KW सोलर एरे

₹1,500 – ₹2,000 / दिन

~12 महीने

15 HP मोटर

18 KW – 20 KW सोलर एरे

₹2,200 – ₹3,000 / दिन

~11 महीने

1 साल में सिस्टम का पूरा पैसा वसूल होने के बाद अगले 24 साल तक आटा चक्की से शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है।