सोलर पैनल की सफाई और रखरखाव: सोइलिंग लॉस (Soiling Loss) से कैसे बचें?
धूल और प्रदूषण के कारण सोलर पैनल का उत्पादन 20% तक गिर जाता है। जानें सोलर पैनल साफ करने का सही तरीका, सफाई किट और एएमसी सर्विस।

1. सोइलिंग लॉस (Soiling Loss) क्या है?
गोरखपुर, गीडा और हाइवे के आसपास के इलाकों में हवा में उड़ती धूल, कंक्रीट के कण और पक्षियों की बीट सोलर पैनल के शीशे पर जमा हो जाती है। इसे सोइलिंग (Soiling) कहते हैं।
शीशे पर जमी धूल सूर्य की किरणों को सेल्स तक पहुँचने से रोकती है, जिससे आपके सोलर प्लांट का बिजली उत्पादन 15% से 25% तक घट जाता है।
2. सोलर पैनल साफ करने का सही तरीका (Best Practices)
सुबह या शाम को सफाई करें: दोपहर की कड़क धूप में जब पैनल का शीशा 60°C गर्म हो, तब उस पर ठंडा पानी न डालें। थर्मल शॉक से कांच में दरार आ सकती है।
सॉफ्ट वाटर (Soft Water) का प्रयोग करें: कठोर भूजल (Hard Water) से शीशे पर सफेद कैल्शियम की परत जम जाती है।
माइक्रोफाइबर टेलीस्कोपिक ब्रश: खुरदुरे झाड़ू या एसिड/सर्फ का उपयोग न करें। माइक्रोफाइबर ब्रश से शीशे पर स्क्रैच नहीं आते।
सोलानाव एनर्जी अपने ग्राहकों को 18-फीट की वॉटर-फेड टेलीस्कोपिक क्लीनिंग किट और एएमसी (AMC) मेंटेनेंस सेवाएं प्रदान करती है।