PuVVNL नेट मीटरिंग क्या है? गोरखपुर में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, बाय-डायरेक्शनल मीटर और बिल क्रेडिट का पूरा नियम

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) में नेट मीटरिंग कैसे काम करती है? जाने आवेदन शुल्क, टेस्ट रिपोर्ट, मीटर चेंज प्रक्रिया और ओवर-एक्सपोर्ट क्रेडिट रोल-ओवर नियम।

PuVVNL नेट मीटरिंग क्या है? गोरखपुर में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, बाय-डायरेक्शनल मीटर और बिल क्रेडिट का पूरा नियम

1. नेट मीटरिंग की मूल अवधारणा (Concept of Net Metering)

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम बिना बैटरी के काम करता है। जब आपकी छत पर लगे सोलर पैनल्स दिन के समय अत्यधिक बिजली बनाते हैं और आपके घर में खपत कम होती है, तो अतिरिक्त बिजली PuVVNL ग्रिड में चली जाती है। रात के समय, जब सोलर पैनल्स बिजली नहीं बनाते, तब आप ग्रिड से बिजली खींचते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से मापने के लिए PuVVNL आपके पुराने डिजिटल मीटर को हटाकर एक बाय-डायरेक्शनल नेट मीटर (Bi-Directional Net Meter) लगाता है।

2. नेट मीटरिंग बिल की गणना कैसे होती है?

नेट मीटर तीन मुख्य रीडिंग्स रिकॉर्ड करता है:

  1. Import (इम्पोर्ट): रात में या बादलों के दिन ग्रिड से ली गई बिजली (यूनिट्स में)।

  2. Export (एक्सपोर्ट): दिन में ग्रिड को भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली (यूनिट्स में)।

  3. Net Billed Units: $(\text{Import Units} - \text{Export Units})$

उदाहरण से समझें:

यदि किसी महीने आपने ग्रिड से 300 यूनिट्स इम्पोर्ट की और आपके 3KW सोलर प्लांट ने ग्रिड को 380 यूनिट्स एक्सपोर्ट की:


$$\text{Net Bill} = 300 - 380 = -80 \text{ Units}$$

इस स्थिति में आपको usage चार्ज के रूप में ₹0 का बिल आएगा। बची हुई 80 क्रेडिट यूनिट्स अगले महीने के बिल में जुड़ जाएंगी (Rollover Credit)!

3. PuVVNL में नेट मीटरिंग आवेदन के 6 चरण




[स्टेप 1: ऑनलाइन आवेदन] ➔ [स्टेप 2: टीएफआर रिपोर्ट] ➔ [स्टेप 3: सिस्टम इंस्टॉलेशन]
         ➔ [स्टेप 4: टेस्ट रिपोर्ट व फोटो अपलोड] ➔ [स्टेप 5: लैब मीटर टेस्टिंग] ➔ [स्टेप 6: नेट मीटर फिटिंग]
  1. पोर्टल सबमिशन: pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर आवेदन करें।

  2. TFR (Technical Feasibility Report): PuVVNL का संबंधित सब-स्टेशन जेई (JE) यह जांचता है कि आपके क्षेत्र का 11KV/100KVA ट्रांसफार्मर 80% लोड लिमिट के भीतर है या नहीं।

  3. प्लांट इंस्टॉलेशन: सोलानाव एनर्जी द्वारा अप्रूव्ड DCR मॉड्युल्स और इन्वर्टर की फिटिंग।

  4. वर्क कंप्लीशन रिपोर्ट (WCR): इन्वर्टर सीरियल नंबर, पैनल्स का फ्लैश टेस्ट डेटा और अर्थिंग पिट्स की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं।

  5. मीटर टेस्टिंग: PuVVNL की क्षेत्रीय लैब में नेट मीटर का कैलिब्रेशन और सीलिंग होती है।

  6. मीटर चेंज व PPA साइनिंग: PuVVNL की टीम आकर नया नेट मीटर लगाती है और आपके साथ 25 साल का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) निष्पादित करती है।